वक्त ने वक्त वो दिखाया है,
रहनुमा तक ना साथ आया है!
एक अदद नौकरी की चाहत ने,
दर बदर पर उसे घुमाया है!
काम हासिल नहीं हुआ शायद,
आज वो फिर उदास आया है!
आज फिर बहन ने तसल्ली दी,
पिता ने हौसला बढ़ाया है!
आज फिर माँ ने जेब देखी है,
कहीँ सलफास तो ना लाया है!
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