शनिवार, 17 जनवरी 2015

यूँ तो वो लापता नहीं लगता,
फिर भी उसका पता नहीं लगता!!
रोज मीलों का सफ़र करता हूँ,
फिर भी एक हमसफ़र नहीं मिलता!!
उससे बेहतर तो खूब मिलते हैं,
उसके जैसा मगर नहीं मिलता!!
सारी दुनियाँ की खबर है उसको,
सिर्फ मेरी खबर नहीं रखता!!
मेरी कश्ती है हवाले जिसके,
वो मुझे नाखुदा नहीं लगता!!

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