एक जोकर का पंचनामा..!
"गर जानना है मुझको तो, आँखों में झाँकिये., शब्दों में बयाँ हो सकूँ, वो चीज़ नहीं मैं..!!"
मंगलवार, 17 फ़रवरी 2015
ध्वनी प्रदूषण पर चर्चा को आयोजित एक अनुष्ठान में,
इतनी बजी तालियाँ मेरा मन मस्तिक तक सुन्न हो गया!!
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