एक जोकर का पंचनामा..!
"गर जानना है मुझको तो, आँखों में झाँकिये., शब्दों में बयाँ हो सकूँ, वो चीज़ नहीं मैं..!!"
रविवार, 21 दिसंबर 2014
"रहा खुद क़ैद में तब मैंने जाना,
कितना आसान था, उस शख्स को बंदिश में रखना!!
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