क्यों तुम्हारा तो एक सगा भाई भी था ना?
जैसे ही दूर के रिश्ते की ननद ने अचानक पूँछा, वातावरण के
साथ-साथ उनके होठों पर भी एक अज़ीब सी खामोशी छा गई!
पलक झपकते ही सारा घटनाक्रम आँखों के आगे से किसी चलचित्र की तरह गुजर गया!
कुछ जबाव ही नहीं सूझ रहा था, चेहरे को एकटक घूरती ननद की आँखें, उनकी बेचैनी को और बढ़ा रही थीं!
इससे पहले सामने से अगला सवाल दागा जाता, नजरें झुकाकर कुछ ज्यादा ही दबी सी जुबान में उत्तर दिया- हाँ, था तो सही लेकिन पिछले पाँच सालों से उसका कोई अता-पता ही नहीं है !
ओह! यह तो बहुत बुरा हुआ!
फिर भी आपने कभी उसे खोजने की कोशिश तो की ही होगी, कभी जिज्ञासा नहीं होती यह जानने की, वह कहाँ और किस हाल में है! ननद ने हाथ थामकर, सांत्वना देने का असफल सा प्रयास करते हुए, अगला सवाल दागा!
इस बार शायद उनके पास कोई उत्तर नहीं था, इसलिए बातचीत का रुख मोड़ना ही बेहतर समझा! खाना खाया आपने!
क्या वक्त के आगे वाकई सब कुछ धूमिल पड़ जाता है!
(बड़ी बहन )
पलक झपकते ही सारा घटनाक्रम आँखों के आगे से किसी चलचित्र की तरह गुजर गया!
कुछ जबाव ही नहीं सूझ रहा था, चेहरे को एकटक घूरती ननद की आँखें, उनकी बेचैनी को और बढ़ा रही थीं!
इससे पहले सामने से अगला सवाल दागा जाता, नजरें झुकाकर कुछ ज्यादा ही दबी सी जुबान में उत्तर दिया- हाँ, था तो सही लेकिन पिछले पाँच सालों से उसका कोई अता-पता ही नहीं है !
ओह! यह तो बहुत बुरा हुआ!
फिर भी आपने कभी उसे खोजने की कोशिश तो की ही होगी, कभी जिज्ञासा नहीं होती यह जानने की, वह कहाँ और किस हाल में है! ननद ने हाथ थामकर, सांत्वना देने का असफल सा प्रयास करते हुए, अगला सवाल दागा!
इस बार शायद उनके पास कोई उत्तर नहीं था, इसलिए बातचीत का रुख मोड़ना ही बेहतर समझा! खाना खाया आपने!
क्या वक्त के आगे वाकई सब कुछ धूमिल पड़ जाता है!
(बड़ी बहन )

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